मेरे प्रभु आज माया और ब्रह्म को गहराई से समझा रहे है
मै निराकार और साकार दोनों हूँ . मै ही संघनित होकर साकार रचना (माया) का निर्माण कर रहा हूँ . और मै ही लोगों में यह संदेह पैदा करता हूँ की मै अलग हूँ और आप अलग है . तभी तो मै मेरी लीला का आनंद ले पाता हूँ . यदि मै मेरे बच्चे को […]
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