आज का हमारा विषय स्वास्थ्य के प्रश्न है .
प्रश्न 1 . दही में नमक मिलाकर खाना चाहिए या नहीं ?
उत्तर : नहीं . क्यों की पाचन में सहयोग करने वाले जीवाणु मर जाते है .
प्रश्न 2 . लम्बे समय तक दही में नमक मिलाकर खाने से क्या होता है ?
उत्तर : दही का सही से पाचन नहीं होने के कारण त्वचा के रोग और धीरे धीरे कुष्ठ रोग होने लगता है .
प्रश्न 3 : भैंस के दूध का दही और गाय के दूध के दही में क्या अंतर् है ?
उत्तर : भैंस के दूध का दही पचने में गाय के दूध के दही से भारी होता है ?
प्रश्न 4 : भोजन में नमक खाना चाहिए या नहीं ?
उत्तर : नमक की मात्रा यदि कम रखते है तो शरीर में प्रेम तत्व बढ़ता है . और नमक बिलकुल नहीं खाये तो पाचन सम्बन्धी रोग होते है . और नमक बहुत ज्यादा खाये तो शरीर धीरे धीरे ख़त्म होने लगता है . जिसका मन स्थिर है उसके लिए कोई नियम नहीं है .
प्रश्न 5 : क्या मीठा खाने से शुगर की बीमारी होती है ?
उत्तर : नहीं . मीठा हमारे शरीर का बल बढ़ाता है . पर अति हर चीज की बुरी होती है . पर जिसके शुगर है और उसका मन अभी स्वीकृति नहीं दे तो उसको मीठा कम ही खाना चाहिए . उसे नियमित रूप से स्वरुप दर्शन का अभ्यास करना चाहिए .
प्रश्न 6 : हमे पानी कितना पीना चाहिए ?
उत्तर : जब प्यास लगे तब ही पानी पीना चाहिए . और हमेशा थोड़ा प्यासा ही रहना चाहिए .
प्रश्न 7 : हमे भोजन कितना करना चाहिए ?
उत्तर : जब भूख लगे तब ही भोजन करना चाहिए . और थोड़ा हमेशा भूखा रहना चाहिए .
प्रश्न 8 : क्या रात्रि भोजन सही है ?
उत्तर : नहीं . पर ये सभी के लिए समान रूप से लागू नहीं होता है .
प्रश्न 9 : क्या दूध पीना चाहिए ?
उत्तर : यह दूध की प्रकृति पर निर्भर करता है . यदि हम किसी पशु की सेवा करते है या पशु खुद की मर्जी से दूध देता है तो वह दूध ही हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है .
प्रश्न 10 : क्या मांशाहार करना सही होता है ? . मानव का भोजन बीज और फल ही होता है .
उत्तर : नहीं .
प्रश्न 11 : क्या मदिरा पान हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है ?
उत्तर : नहीं . मदिरा पान से हम अधोगति में जाते है . स्वरुप दर्शन के अभ्यास से व्यक्ति को अन्न से ही आवश्यक नशा प्राप्त होने लगता है .
प्रश्न 12 : क्या आचार खाना चाहिए ?
उत्तर : जो आचार आयुर्वेद की विधि से तैयार किया जाता है उसे औषधि के रूप में खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है . अर्थात जिसमे पानी की मात्रा नहीं होती है. क्यों की जिस आचार में पानी होगा वह जल्द ही खराब होने लगता है . जैसे हरी मिर्च , गाजर इनके आचार हमारे स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होते है . पर तामसिक प्रकृति वाले व्यक्ति को ये आचार ही बहुत स्वादिष्ट लगते है .
प्रश्न 13 : क्या टमाटर और मिर्च के बीज खाने से शरीर में पथरी बनती है ?
उत्तर : नहीं . पथरी हमेशा भोजन का ठीक से पाचन नहीं होने के कारण ही बनती है .
प्रश्न 14 : पाचनतंत्र को मजबूत कैसे करे ?
उत्तर : उचित आचार – विचार और संतुलित मन से हमारा पाचन तंत्र ठीक रहता है . नियमित योग – व्यायाम करना चाहिए . भोजन को बहुत ही प्रसन्नता से करना चाहिए . दुःख में भोजन नहीं करना चाहिए .
प्रश्न 15 : बार बार नाभि क्यों टलती है ?
उत्तर : मन का पेट के ऊपर नियंत्रण नहीं होने से , बार बार नाभि को ठीक कराने की आदत पड़ने से , क्रोध करने से , उटपटांग तरीक से व्यायाम करने से या चलने से , मन में नाभि टलने का दृढ़ विश्वास होना , अधिक सोचने से , पेट कमजोर होने , इत्यादि से बार बार नाभि टलती है .
धन्यवाद जी . मंगल हो जी .

