आज का विषय है : मन के प्रश्न – भाग 1
प्रश्न 1 : मुझे जिम जाना चाहिए या नहीं ?
उत्तर : यदि आप किसी अन्य से प्रभावित होकर या किसी दबाव में या खुद को बड़ा दिखाना चाहते है तो फिर आप को जिम जाने की कोई आवश्यकता नहीं है .
पर यदि आप खुद को सच्चा प्यार तभी कर पायेंगे जब आप जिम जायेंगे . तो फिर आप एक बार जिम से जुड़कर इसका अनुभव अवश्य ले .
प्रश्न 2 : क्या मंगल गृह पर हमे जीवन की तलाश करनी चाहिए ?
उत्तर : इससे पहले हमे पृथ्वी माँ पर जो अप्राकृतिक कार्य करके जीवन का संतुलन बिगाड़ा है उसे वापस प्राकृतिक कार्यो में कैसे बदले इसकी खोज माँ धरती पर होनी चाहिए . जैसे आज पहाड़ काट रहे हैं , जंगल उजाड़ रहे है , पर्यावरण प्रदुषण बढ़ रहा है . इसलिए हमे मंगल पर जीवन खोजने की बजाय जीवन में मंगल खोजना चाहिए .
प्रश्न 3 : क्या आज कलयुग में लोग बहुत खराब हो गए है ?
उत्तर : आप को लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए . जैसा आप लोगों के बारे में धारणा बनाओगे लोग आप के साथ वैसा ही बर्ताव करेंगे .
प्रश्न 4 : मै तो लोगों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करता हूँ फिर लोग मुझसे ईर्ष्या क्यों करते है ?
उत्तर : आप ने किसी न किसी समय इन लोगों से ईर्ष्या का भाव रखा है . इसलिए अब आप को इनके ईर्ष्या के भावों को पुरे सम्मान से स्वीकार कर लेना चाहिए यदि आप इनसे प्रेम भाव रखना चाहते है तो .
प्रश्न 5 : मेरे बच्चे को पढ़ा लिखा याद नहीं रहता है क्या करू ?
उत्तर : पहले आप यह पता करे की आप को पढ़ा लिखा याद रहता है या नहीं . क्यों की आप के संस्कार ही बच्चे में उतरते है . यदि आप की याददास्त बहुत अच्छी है तो फिर याद करे की कभी आप ने बच्चे को सिर में पिटाई की है क्या ?. यदि आप बच्चे की मानसिक स्थिति को नहीं समझ पा रहे है तो फिर आप पहले स्वरुप दर्शन का अभ्यास शुरू करे .
प्रश्न 6 : मेरी पत्नी मेरा कहना नहीं मानती है. क्या करू ?
उत्तर : आप ऐसा क्या कह रहे है की जो आप की पत्नी को अच्छा नहीं लगता है . या तो आप एक ही बात को पत्नी को बार बार कहते है . या आप की आवाज में कठोरता है या आप कुछ ज्यादा काम की अपेक्षा अपनी पत्नी से करते है . इसलिए आप स्वरुप दर्शन का अभ्यास शुरू करे . इस अभ्यास से आप पत्नी के मन को सही से समझने लगेंगे .
प्रश्न 7 : मेरे पति मुझे बहुत परेशान करते है . क्या करू ?
उत्तर : आप पहले यह पता करे की आप की ऐसी कोनसी आदते है जो आप के पति को पसंद नहीं है . आप खुद से यह पूछे की क्या आप अपने पति की सेवा पूरे सच्चे मन से कर रहे है . खुद को एकांत में जांचने का समय दे . जब आप स्वरुप दर्शन का अभ्यास करेंगे तो आप को पति के मन की समझ आने लगेगी . किसी के बहकावे में न आये .
प्रश्न 8 : मुझे सच्चा मित्र कैसे मिले ?
उत्तर : पहले अपने आप से पूछे की आप खुद सच्चे है क्या . यदि है तो फिर मन में सच्चे भावों से यह विश्वास पैदा करे की भगवान् आप को सच्चा मित्र अवश्य देगा . क्यों की सच्चा मित्र आप खुद बनायेंगे. हर मित्र में गुण और दोष दोनों होते है . यह आप के ऊपर निर्भर करता है की आप उस मित्र के भीतर क्या देखते है .
प्रश्न 9 : मेरे बच्चों के लिए सही शिक्षा क्या है ?
उत्तर : बच्चे के लिए सही शिक्षा उसको जमीन से जोड़ना है . बच्चे को घर का काम करना आना चाहिए . बच्चे के मन में अमीर और गरीब दोनों के प्रति सम्मान का भाव बराबर होना चाहिए . बच्चे में इंसानियत का विकास होना चाहिए ना की भेद भाव , जाती धर्म का .
प्रश्न 10 : क्या स्कूल में हनुमान चालीसा के पाठ होने चाहिए ?
उत्तर : यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है . जीवों और जीने दो के पाठ होने चाहिए .
प्रश्न 11 : क्या सूर्य नमस्कार सभी जाती धर्म के लोगों को करना अनिवार्य है ?
उत्तर : नहीं . यह व्यक्ति के खुद के आत्म विकास के लिए होता है .
प्रश्न 12 : योग गुरु स्वामी रामदेव जी बड़े योगी है या श्री श्री रविशंकर जी ?
उत्तर : अपनी अपनी जगह दोनों बड़े है . रामदेव जी में योग से जुडी हुयी अलग खूबियाँ है तो रविशंकर जी में मन को शांत करने की अलग खूबियाँ है . हमे दोनों का सम्मान करना चाहिए .
प्रश्न 13 : नौकरी करना सही होता है या व्यापार ?
उत्तर : यह आप के मनोबाल पर निर्भर करता है . यदि आप किसी के निचे काम करके खुश नहीं रहते है और आप अपना काम पूरी ईमानदारी से करते है तथा आप निर्णय लेने में स्पष्टता रखते और आप जोखिम लेने से डरते नहीं है तो फिर आप के लिए व्यापार करना सही रहेगा . और यदि ये सब नहीं है तो फिर कोई ऐसी नौकरी ढूंढे जहाँ आप खुश होकर काम कर सके .
प्रश्न 14 : किसी को भी सही बात कहने पर गुस्सा क्यों आता है ?
उत्तर : सभी को सच सुनने पर गुस्सा नहीं आता है . जो झूठा व्यक्ति होगा उसी को गुस्सा आयेगा. क्यों की झूठ का मतलब अहंकार होता है . अर्थात मै का भाव . जब आप ऐसे व्यक्ति को सच बोलते है तो फिर उसका यह ‘मै’ भाव मरने लगता है . और आप को पता है की जगत में मरना कोई नहीं चाहता है .
प्रश्न 15 : झगड़े के डर से मै सामने वाले को सच नहीं कह पाती हूँ . क्या करू ?
उत्तर : पहले आप स्वरुप दर्शन का अभ्यास शुरू करे . इससे आप सच को किस प्रकार से सामने वाले को कहना है इसका ज्ञान आप को प्रभु से मिलने लगेगा . जब हमारे भाव पवित्र होने लगते है तो फिर सामने वाला हमारे सच से खुश होता है न की गुस्सा करता है .
धन्यवाद जी . मंगल हो जी .

