इस वीडियो में ऊर्जा के माध्यम से स्वरुप दर्शन क्रिया के अभ्यास को समझाया गया है . अर्थात सारा खेल ऊर्जा का है .
- आप कैसे अपनी ऊर्जा को पहचान सकते है
- अभी आप की ऊर्जा किस स्तिथि में है
- ऊर्जा का सिद्धांत कैसे काम करता है
- ऊर्जा को पैदा और नष्ट क्यों नहीं कर सकते है
- पैसे और ऊर्जा में सम्बन्ध
- आँखों से ऊर्जा का सम्बन्ध
- कानों से ऊर्जा का सम्बन्ध
- भगवान और ऊर्जा में सम्बन्ध
- प्रभु की ऊर्जा को कैसे पहचाने
- संसार ऊर्जा से कैसे प्रकट हो रहा है
- ऊर्जा के कारण किसी के सामने हमारी बोली बंद हो जाती है
- ऊर्जा के कारण हम परेशान हो जाते है
जब आप स्वरुप दर्शन क्रिया अर्थात खुद के दर्शन करने की क्रिया का पूरी सच्ची भक्ति और विश्वास के साथ निरंतर अभ्यास करते है तो धीरे धीरे आप को यह अनुभूति होने लगती है की हम सभी एक ही ऊर्जा से प्रकट हो रहे है .
हमारे सभी कष्टों का कारण इन ऊर्जा तरंगो को नहीं समझना है . क्यों की हम हमेशा भागदौड़ में रहते है . और यह ऊर्जा ही हमे इधर से उधर भगाती है .
मतलब सारा खेल इस पूरे ब्रह्माण्ड में व्याप्त ऊर्जा का ही है . इसी ऊर्जा के एक विशेष रूप के कारण आप कई बार किसी के सामने बोल नहीं पाते है .
और इसी ऊर्जा के कारण आप कई बार एक इंसान से बहुत खुलकर बात कर लेते है .
इस वीडियो में आप सीखेंगे की कैसे आप किसी भी पीड़ा से बच सकते है ?
जब आप स्वरुप दर्शन क्रिया का अभ्यास करते है तो आप ऊर्जा के प्राकृतिक बहाव से जुड़ने लगते है .
अर्थात जिधर आप की ऊर्जा बह रही है उधर ही आप बहने लगते है .
मतलब यंहा बहुत ही गहरी बात यह है की आप को किसी भी कष्ट का विरोध करना ही नहीं पड़ता है .
आप को सुख शांति प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की मेहनत की आवश्यकता नहीं पड़ती है .
बल्कि प्रकृति आप से खुद यह मेहनत करवा लेती है . और इस प्रकार की मेहनत करते हुए आप के मन को बहुत अच्छा लगता है .
ऊर्जा को पहचानने के कारण अब आप का डर धीरे धीरे ख़ुशी और संतुष्टि में रूपांतरित होने लगता है .
आप का मन शंकाहीन होने लगता है .
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धन्यवाद जी . मंगल हो जी .

